लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने 23 अक्टूबर 2026 को विधान परिषद (एमएलसी) के द्विवार्षिक चुनावों के मद्देनजर राज्य के उन सरकारी कर्मचारियों को विशेष आकस्मिक अवकाश (Special Casual Leave) देने के निर्देश जारी किए हैं, जो स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के पात्र मतदाता हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा के निर्देशों के क्रम में यह आदेश सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी किया गया है।

क्या है पूरा मामला?

उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 5 स्नातक और 6 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की सीटों पर द्विवार्षिक चुनाव होने हैं। इन 11 सीटों पर मतदान 23 अक्टूबर 2026, शुक्रवार को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक होगा। मतगणना 27 अक्टूबर को की जाएगी।

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अब सवाल यह उठता है कि यह अवकाश किसे मिलेगा? यहां एक महत्वपूर्ण बात समझनी जरूरी है — यह अवकाश प्रदेश के समस्त सरकारी कर्मचारियों के लिए सार्वजनिक अवकाश (Public Holiday) नहीं है। यह केवल उन्हीं कर्मचारियों के लिए है जो इन 11 निर्वाचन क्षेत्रों के पंजीकृत एवं पात्र मतदाता हैं।

आसान शब्दों में समझें: मान लीजिए आपके दफ्तर में 50 कर्मचारी हैं। उनमें से 10 कर्मचारी लखनऊ स्नातक या लखनऊ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता हैं। तो सिर्फ वे 10 कर्मचारी 23 अक्टूबर को विशेष आकस्मिक अवकाश के पात्र होंगे, बाकी 40 कर्मचारियों को अपने काम पर उपस्थित रहना होगा — बिल्कुल वैसे ही जैसे किसी मोहल्ले में नगर पालिका वार्ड चुनाव होने पर केवल उसी वार्ड के निवासी मतदान करने जाते हैं।
कौन से निर्वाचन क्षेत्र इसमें शामिल हैं?

शासन के निर्देशों के अनुसार कुल 11 निर्वाचन क्षेत्रों के पात्र मतदाता कर्मचारी इस विशेष अवकाश के हकदार हैं। इन्हें दो श्रेणियों में विभाजित किया गया है:

स्नातक निर्वाचन क्षेत्र (5 सीटें)

  • लखनऊ स्नातक निर्वाचन क्षेत्र
  • वाराणसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र
  • आगरा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र
  • मेरठ स्नातक निर्वाचन क्षेत्र
  • इलाहाबाद-झांसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र

शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र (6 सीटें)

  • लखनऊ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र
  • वाराणसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र
  • आगरा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र
  • मेरठ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र
  • बरेली-मुरादाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र
  • गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र
विधान परिषद का स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र क्या होता है?

उत्तर प्रदेश विधान परिषद भारत के संविधान के अनुच्छेद 171 के अंतर्गत गठित एक उच्च सदन है। इसमें सदस्यों का चुनाव कई प्रकार से होता है। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में केवल वे नागरिक मतदाता के रूप में पंजीकृत हो सकते हैं जिन्होंने किसी मान्यताप्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक (Graduation) की डिग्री प्राप्त की हो। वहीं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में केवल माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में कम से कम तीन वर्षों से पढ़ा रहे शिक्षक ही मतदाता बनने के पात्र होते हैं।

रोज़मर्रा की ज़िंदगी से उदाहरण: जैसे किसी रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) में केवल उसी सोसाइटी के पंजीकृत निवासी ही अपने अध्यक्ष या सचिव के चुनाव में वोट दे सकते हैं, उसी तरह विधान परिषद के इन विशेष निर्वाचन क्षेत्रों में केवल संबंधित योग्यता (स्नातक या शिक्षक) के पंजीकृत मतदाता ही अपने प्रतिनिधि का चुनाव कर सकते हैं।
शासन का निर्देश — क्या कहता है आदेश?

मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय, उत्तर प्रदेश की ओर से जारी निर्देशों में यह स्पष्ट किया गया है कि संबंधित विभागों के विभागाध्यक्ष एवं जिलाधिकारी यह सुनिश्चित करें कि जो कर्मचारी इन 11 निर्वाचन क्षेत्रों के पात्र मतदाता हैं, उन्हें 23 अक्टूबर को मतदान के लिए विशेष आकस्मिक अवकाश प्रदान किया जाए। इस अवकाश को किसी भी अन्य प्रकार के अवकाश खाते से नहीं काटा जाएगा।

इसके साथ ही यह भी निर्देशित किया गया है कि कर्मचारी को अपने मतदाता पहचान पत्र अथवा मतदाता सूची में नाम का प्रमाण अपने विभाग को देना होगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि केवल पात्र कर्मचारी ही इस अवकाश का लाभ उठा सकें।

मतदान से जुड़ी ज़रूरी जानकारी
  • मतदान की तिथि: 23 अक्टूबर 2026 (शुक्रवार)
  • मतदान का समय: प्रातः 8:00 बजे से सायं 4:00 बजे तक
  • मतगणना: 27 अक्टूबर 2026
  • कुल निर्वाचन क्षेत्र: 11 (5 स्नातक + 6 शिक्षक)
  • अवकाश का प्रकार: विशेष आकस्मिक अवकाश (Special Casual Leave)
  • अवकाश किसे मिलेगा: केवल उन्हीं कर्मचारियों को जो इन 11 निर्वाचन क्षेत्रों के पंजीकृत मतदाता हैं
क्यों जरूरी है यह कदम?

लोकतंत्र की मजबूती के लिए मताधिकार का प्रयोग करना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। लेकिन व्यावहारिक जीवन में कई बार सरकारी कर्मचारी अपनी ड्यूटी के कारण मतदान से वंचित रह जाते हैं। राज्य निर्वाचन आयोग और शासन की यह पहल इसी समस्या का समाधान करती है।

विशेष रूप से शिक्षक मतदाताओं के लिए यह बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि विधान परिषद में उनका प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने वाले इन छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की भूमिका शिक्षा नीति, शिक्षक वेतन और सेवाशर्तों से संबंधित मुद्दों को उठाने में अहम होती है। ऐसे में यदि शिक्षक कर्मचारी मतदान ही नहीं कर पाएंगे, तो उनके प्रतिनिधित्व का उद्देश्य ही निरर्थक हो जाएगा।

क्या करें पात्र कर्मचारी?

यदि आप उपरोक्त 11 निर्वाचन क्षेत्रों में से किसी एक के पंजीकृत मतदाता हैं और राज्य सरकार के अधीन किसी विभाग में कार्यरत हैं, तो आपको निम्नलिखित कदम उठाने चाहिए:

  • अपने विभाग प्रमुख या कार्यालयाध्यक्ष को लिखित में सूचित करें कि आप संबंधित निर्वाचन क्षेत्र के पात्र मतदाता हैं।
  • अपने मतदाता पहचान पत्र (Voter ID) की छायाप्रति या मतदाता सूची में नाम का प्रमाण प्रस्तुत करें।
  • समय से पहले ही अवकाश के लिए आवेदन करें ताकि कार्यालय की व्यवस्था में कोई बाधा न आए।
  • 23 अक्टूबर को अपना मतदाता पहचान पत्र साथ लेकर अपने निर्धारित मतदान केंद्र पर जाएं।
निष्कर्ष

23 अक्टूबर 2026 को उत्तर प्रदेश विधान परिषद के 11 निर्वाचन क्षेत्रों में होने वाले मतदान के लिए शासन का यह निर्देश एक सकारात्मक और लोकतांत्रिक कदम है। यह अवकाश किसी सार्वजनिक छुट्टी की तरह नहीं, बल्कि एक लक्षित और जिम्मेदार व्यवस्था के रूप में दिया जा रहा है जिससे केवल पात्र मतदाता कर्मचारी ही लाभान्वित होंगे। यदि आप इन निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाता हैं, तो अपने इस लोकतांत्रिक अधिकार का पूरा उपयोग करें।