राज्य के प्रमुख पर्यटन प्रोजेक्ट्स और आर्थिक पहल पर आज के दिन मुख्यमंत्री यादव ने एक विस्तृत प्रेस कॉन्फ़्रेंस में घोषणा की कि मध्य प्रदेश में पर्यटन सुविधाओं और आर्थिक गतिविधियों का विस्तार तेज़ गति से हो रहा है। यह प्रकाशन (प्रकाशन) के विश्लेषणात्मक रिपोर्ट में बताया गया है कि इस योजना का उद्देश्य राज्य‑व्यापी रोजगार सृजन, स्थानीय उद्यमियों को सशक्त बनाना और विदेशी व घरेलू निवेश को आकर्षित करना है।
मुख्यमंत्री यादव का मुख्य संदेशमुख्यमंत्री ने कहा, "हमारा लक्ष्य सिर्फ पर्यटन को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि इसे आर्थिक विकास के इंजन में बदलना है।" उन्होंने बताया कि अगले दो वर्षों में 12 प्रमुख पर्यटन स्थलों पर बुनियादी ढाँचा, होटल, भोजनालय, एवं जल परिवहन जैसी सुविधाएँ स्थापित की जाएँगी। यह बयान ABP News के अनुसार 12 अगस्त 2026 को हुई प्रेस कॉन्फ़्रेंस में किया गया।
- नवीन बुनियादी ढाँचा निवेश: आगामी तीन वर्षों में सरकार 8,000 करोड़ रुपये की राशि से 45 नए बुनियादी ढाँचा प्रोजेक्ट्स, जैसे एयरपोर्ट विस्तार, सड़कों का पुनः निर्माण तथा जलमार्ग सुधार, पर काम करेगी।
- स्थानीय उद्यमियों के लिये ऋण सुविधा: मुख्यमंत्री ने बताया कि पर्यटन‑संबंधी उद्यमियों को 5‑10% ब्याज पर 1,000 करोड़ रुपये का रियायती ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। यह पहल भारतीय विकास बैंक (IDBI) के साथ साझेदारी में होगी।
- संस्कृति‑पर्यटन मॉडल: राज्य के ऐतिहासिक स्थलों पर ‘स्थानीय कला‑हस्तशिल्प’ वाले शॉपिंग कॉम्प्लेक्स स्थापित किये जायेंगे, जिससे क़ारीगरों को सीधे ग्राहक तक पहुंच मिलेगी।
- डिजिटल बुकिंग प्लेटफ़ॉर्म: पर्यटन को सुविधाजनक बनाने हेतु एक राष्ट्रीय स्तर का मोबाइल ऐप लॉन्च किया जाएगा, जिसमें बुकिंग, रीयल‑टाइम ट्रैफ़िक अपडेट और सुरक्षित भुगतान विकल्प होंगे।
पीआईबी (प्रेस सूचना बुलेटिन) के आंकड़ों के अनुसार, यदि इन पहलों को सफल माना जाए तो 2028 तक मध्य प्रदेश में पर्यटन‑जनित वार्षिक आंतरिक उत्पाद (GDP) में 7.5% की वसूली होगी। साथ ही, सीधे‑परोक्ष रोजगार में 1.2 लाख नई नौकरियां जुड़ने की संभावना है।
नीचे प्रमुख आँकड़े प्रस्तुत हैं:
| संकल्पित कार्य | निवेश (₹ करोड़) | अनुमानित रोजगार |
|---|---|---|
| नए पर्यटन स्थल विकास | 2,500 | 35,000 |
| जलमार्ग एवं नाव सेवा | 1,200 | 20,000 |
| होटल‑राज्य‑सहमति योजना | 1,800 | 30,000 |
| डिजिटल बुकिंग प्लेटफ़ॉर्म | 300 | 5,000 |
नए पर्यटन बुनियादी ढाँचा बनाने को हम घर में नई रसोई स्थापित करने के समान समझ सकते हैं। जैसी नई रसोई में आधुनिक गैस स्टोव, फ्रिज और माइक्रोवेव मिलते हैं, उसी तरह राज्य में इन सुविधाओं से यात्रियों को सुविधा, सुरक्षा और तेज़ प्रवाह मिलता है। इस प्रक्रिया में स्थानीय कारीगरों को नई नौकरी, छोटे व्यापारी को अधिक ग्राहक, और यात्रियों को बेहतर अनुभव मिलते हैं।
पर्यटन‑आधारित आर्थिक लिफ्टिंग का नमूना: बखतपुर
बखतपुर, जो पहले केवल एक छोटा गाँव था, अब राष्ट्रीय दर्शनीय स्थल बन गया है। पिछले दो वर्षों में यहाँ की सतत जल-स्रोत व्यवस्था, पर्यावरण‑सुरक्षित होटल और स्थानीय हस्तशिल्प बाजार स्थापित हुए। इसके पीछे मुख्य कारण रहा सरकारी समर्थन और निजी‑सार्वजनिक भागीदारी। इस मॉडल को अब अन्य 10 स्थलों में दोहराया जाएगा।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रियाबीजिंग टाइम्स के एक सर्वे के अनुसार, 68% उत्तरदाता पर्यटन विकास को आर्थिक अवसर के रूप में देखते हैं, जबकि 22% को पर्यावरणीय प्रभाव की चिंता है। स्थानीय व्यापारी समूह ने कहा, "यदि सरकारी योजना सही दिशा में रहे तो हमें नई बाजारों तक पहुँच मिलेगी, जैसे घर के आँगन में नई सब्जी उगाने की सुविधा मिलने पर लोग बाहर नहीं जाने का विकल्प चुनते हैं।"
सुरक्षा और पर्यावरणीय पहलपर्यटन के साथ पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना सरकार का प्रमुख लक्ष्य है। मुख्यमंत्री ने बताया कि सभी नए प्रोजेक्ट्स में पर्यावरण प्रबंधन योजना (EMP) अनिवार्य होगी। इसमें जल संरक्षण, कचरा प्रबंधन और सौर ऊर्जा का उपयोग शामिल है। उदाहरण के लिये, नई जलमार्ग सुविधाओं में 40% ऊर्जा सौर पैनलों से प्राप्त होगी।
वित्तीय एवं नियामक पहलराज्य वित्त विभाग ने इस योजना के लिये 2026‑2029 के पाँच साल के बजट में 8,000 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। इसके साथ ही, केन्द्र सरकार की "पर्यटक सुरक्षा और संवर्धन" योजना के तहत अतिरिक्त ग्रांट्स की संभावना भी है।
कुल मिलाकर क्या बदल रहा है?मुख्यमंत्री यादव की इस पहल से मध्य प्रदेश में पर्यटन के लिये एक समग्र, संगठित और निवेश‑प्रेरित ढांचा तैयार हो रहा है। यह न केवल राज्य के आर्थिक विकास को तेज़ करेगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिये नई आय के स्रोत भी खोल देगा।
मुख्य बिंदु – संक्षिप्त सारांश- मुख्यमंत्री यादव ने 12 प्रमुख पर्यटन स्थलों पर बुनियादी ढांचा विकास की घोषणा की।
- अगले 3 वर्षों में 8,000 करोड़ रुपये का निवेश, 45 प्रोजेक्ट्स पर कार्यान्वयन।
- पर्यटन‑जनित रोजगार में 1.2 लाख नई नौकरियों की संभावना।
- स्थानीय उद्यमियों के लिये 5‑10% ब्याज पर 1,000 करोड़ रुपये का रियायती ऋण।
- डिजिटल बुकिंग प्लेटफ़ॉर्म के लॉन्च से टूरिस्ट फॉर्म को सरल बनाया जाएगा।
- पर्यावरणीय सततता को सुदृढ़ करने हेतु EMP अनिवार्य, सौर ऊर्जा 40% तक।
यह रिपोर्ट सभी उपलब्ध सार्वजनिक दस्तावेज़ों, ABP News, PIB और विश्वसनीय समाचार एजेंसियों के आंकड़ों पर आधारित है। आगे की जानकारी और अपडेट के लिये राज्य सरकार के आधिकारिक पोर्टल तथा स्थानीय समाचार पोर्टल्स को फॉलो करें।