'प्रकाशन' में हमारा दृढ़ विश्वास है कि एक स्वतंत्र और जीवंत लोकतंत्र की नींव निष्पक्ष, तथ्यात्मक और निर्भीक पत्रकारिता पर टिकी होती है। हम भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) द्वारा अधिसूचित सूचना प्रौद्योगिकी नियम, 2021 तथा भारतीय प्रेस परिषद (Press Council of India - PCI) द्वारा निर्धारित पत्रकारिता आचरण के मानकों का पूर्णतः पालन करते हैं।
1. सटीकता एवं तथ्य-सत्यापन (Accuracy & Verification)
- प्रत्येक खबर को प्रकाशित करने से पहले कम से कम दो स्वतंत्र एवं विश्वसनीय स्रोतों से सत्यापित किया जाता है।
- सरकारी नीतियों, कानूनी फैसलों और प्रेस विज्ञप्तियों के लिए आधिकारिक स्रोतों (जैसे PIB, गजट नोटिफिकेशन, कोर्ट ऑर्डर्स) को प्राथमिकता दी जाती है।
- हम किसी भी अफवाह, अपुष्ट सोशल मीडिया दावे या सनसनीखेज 'क्लिकबेट' शीर्षकों का कड़ाई से बहिष्कार करते हैं।
2. निष्पक्षता और पक्षपातहीनता (Fairness & Impartiality)
- हम किसी भी राजनीतिक दल, कॉर्पोरेट घराने, धार्मिक संगठन या दबाव समूह से वित्तीय या वैचारिक रूप से स्वतंत्र हैं।
- किसी भी विवादित मुद्दे पर सभी पक्षों के तर्कों और बयानों को समान स्थान और निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत किया जाता है।
- संपादकीय मत (Editorial Opinion) और निष्पक्ष समाचार (Factual News) के बीच स्पष्ट अंतर रखा जाता है।
3. राष्ट्रीय संप्रभुता और सामाजिक सौहार्द
IT Rules 2021 के अनुरूप, 'प्रकाशन' ऐसी किसी भी सामग्री को प्रकाशित नहीं करता जो भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरे में डालती हो, या किसी भी धर्म, जाति, लिंग या समुदाय के विरुद्ध घृणास्पद भाषण (Hate Speech) को बढ़ावा देती हो।
4. संशोधन एवं भूल-सुधार नीति (Corrections Policy)
यदि किसी खबर में अनजाने में कोई तथ्यात्मक त्रुटि दर्ज हो जाती है, तो उसे छिपाने के बजाय हम तत्काल सुधार करते हैं। सुधारे गए लेख में नीचे "संशोधन / Corrigendum" नोट लगाया जाता है जिसमें स्पष्ट लिखा होता है कि क्या बदला गया और कब।
5. प्रत्युत्तर का अधिकार (Right to Reply)
यदि किसी व्यक्ति या संस्था के विरुद्ध कोई गंभीर आरोप या खबर प्रकाशित की जाती है, तो उन्हें अपनी बात रखने का पूरा अधिकार होता है। उनका स्पष्टीकरण या खंडन आने पर उसे उसी खबर में प्रमुखता से शामिल किया जाता है।
6. गोपनीयता एवं संवेदनशील मामलों में संरक्षण
- नाबालिगों का संरक्षण (POCSO Act): किसी भी अपराध से जुड़े या पीड़ित नाबालिग बच्चों की पहचान, तस्वीर या स्कूल का नाम किसी भी सूरत में उजागर नहीं किया जाता।
- यौन हिंसा पीड़ितों की पहचान: कानून के अनुसार यौन अपराध के पीड़ितों की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाती है।
- न्यायालय की अवमानना: विचाराधीन मामलों में अदालत की गरिमा और मीडिया ट्रायल से बचने के नियमों का पालन किया जाता है।
उल्लंघन की शिकायत कहां करें?
यदि आपको लगता है कि 'प्रकाशन' की किसी खबर ने इस आचार संहिता का उल्लंघन किया है, तो आप हमारे शिकायत निवारण तंत्र (Grievance Redressal Portal) पर तत्काल ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं।