मुंबई: भारत के बुनियादी ढांचा विकास के इतिहास में एक नया मील का पत्थर जुड़ गया है। नेशनल हाई-स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) ने मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के तहत देश की पहली समुद्र के नीचे स्थित 21 किलोमीटर लंबी रेल सुरंग का निर्माण कार्य शुरू कर दिया है।
अत्याधुनिक टनल बोरिंग मशीनों (TBM) का उपयोग
ठाणे क्रीक के नीचे 7 किलोमीटर का हिस्सा अरब सागर के जलक्षेत्र से होकर गुजरेगा। इसके लिए दुनिया की सबसे उन्नत टनल बोरिंग मशीनों का उपयोग किया जा रहा है। सुरंग के भीतर ट्रेन 320 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी, जिससे मुंबई और अहमदाबाद के बीच की 508 किमी की दूरी मात्र 2 घंटे 7 मिनट में पूरी हो जाएगी।
आर्थिक और औद्योगिक प्रभाव
- लाखों रोजगार: इस मेगा प्रोजेक्ट से सिविल इंजीनियरिंग, सिग्नलिंग और ऑपरेशंस में लगभग 50,000 प्रत्यक्ष और 1 लाख अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित हो रहे हैं।
- जापानी शिंकानसेन सुरक्षा तकनीक: शून्य दुर्घटना रिकॉर्ड वाली जापानी तकनीक के हस्तांतरण से भारतीय इंजीनियरों को अत्याधुनिक ज्ञान प्राप्त हो रहा है।
रेल मंत्री के अनुसार, परियोजना का पहला खंड वर्ष 2026 के अंत तक सूरत से बिलिमोरा के बीच जनता के लिए खोल दिया जाएगा।