हैदराबाद: भारतीय बैडमिंटन अब केवल साइना नेहवाल और पीवी सिंधु के एकल पदकों तक सीमित नहीं है। सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी ने पुरुष युगल (Men's Doubles) में विश्व नंबर 1 रैंकिंग हासिल कर बैडमिंटन में भारत का नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज करा दिया है।

थॉमस कप: भारत का खेल 1983 मोमेंट

73 वर्षों के इतिहास में भारत ने 14 बार की चैंपियन इंडोनेशिया को 3-0 से रौंदकर जब थॉमस कप जीता, तो इसे बैडमिंटन का 1983 क्रिकेट विश्व कप क्षण कहा गया। इस जीत ने भारतीय खिलाड़ियों के मन से यह हीनभावना हमेशा के लिए निकाल दी कि एशियाई दिग्गज चीन, जापान और इंडोनेशिया को युगल में नहीं हराया जा सकता।

टेबल टेनिस में भारतीय लड़कियों का तूफान

  • मनिका बत्रा और श्रीजा अकुला: दुनिया की शीर्ष 10 चीनी खिलाड़ियों को हराकर टेबल टेनिस के अंतरराष्ट्रीय सर्किट में खलबली मचाई।
  • मानसिक दृढ़ता और फिटनेस: आधुनिक भारतीय एथलीट अब शारीरिक फिटनेस और खेल विज्ञान (Sports Science) में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के बराबर हैं।