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नींद में अचानक झटके से गिरने का अहसास क्यों होता है? जानिए 'हाइपनिक जर्क' और सपनों का रहस्य

बिस्तर पर लेटते ही जब आप नींद की पहली झपकी में होते हैं, तो अचानक लगता है कि आप किसी खाई से नीचे गिर रहे हैं और आपका पूरा शरीर कांप कर जाग जाता है। न्यूरोलॉजी में इसे 'हाइपनिक जर्क' कहते हैं। जानिए दिमाग में उस समय क्या चल रहा होता है।
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क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है कि आप रात में बिस्तर पर सोने गए, आंखें भारी होने लगीं, नींद की पहली मीठी झपकी आई और अचानक लगा कि आपका पैर फिसल गया है या आप किसी ऊंची चट्टान से नीचे गिर रहे हैं? ठीक उसी पल आपका पूरा शरीर एक तेज बिजली के झटके के साथ कांप उठता है और आपकी आंखें पूरी तरह खुल जाती हैं। दिल की धड़कन कुछ सेकंड के लिए तेज हो जाती है।

चिकित्सा विज्ञान और न्यूरोलॉजी (Neuroscience) में इस अनुभव को 'हाइपनिक जर्क' (Hypnic Jerk) या 'स्लीप स्टार्ट' (Sleep Start) कहा जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन और स्लीप रिसर्च सोसाइटी के अनुसार, दुनिया के 70% से अधिक लोग अपने जीवन में इस झटके का नियमित अनुभव करते हैं।

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1. दिमाग के दो हिस्सों के बीच नियंत्रण की जंग

जब हम जाग रहे होते हैं, तो हमारे मस्तिष्क का रेटिकुलर एक्टिवेटिंग सिस्टम (RAS) सक्रिय रहता है, जो हमें सतर्क और चैतन्य रखता है। जब हम सोने जाते हैं, तो मस्तिष्क का दूसरा हिस्सा—वेंट्रोलैटरल प्रीऑप्टिक न्यूक्लियस (VLPO) सक्रिय होकर शरीर को रिलेक्स करने और न्यूरोट्रांसमीटर GABA जारी करने का आदेश देता है।

  • जागने और सोने की इस संक्रांति काल (Hypnagogic State) में कभी-कभी यह स्विच तुरंत और सुचारू रूप से नहीं हो पाता।
  • मस्तिष्क की मोटर नर्व्स मांसपेशियों को शिथिल कर रही होती हैं, लेकिन चेतन मस्तिष्क कुछ पलों के लिए भ्रमित हो जाता है।

2. हमारे पूर्वजों का विकासवादी सुरक्षा तंत्र (Evolutionary Theory)

मानव विकास विज्ञान (Evolutionary Biology) का एक लोकप्रिय सिद्धांत बताता है कि लाखों वर्ष पूर्व जब हमारे पूर्वज (Early Primates) जमीन के शिकारी जानवरों से बचने के लिए ऊंचे पेड़ों की टहनियों पर सोया करते थे, तब नींद की गहरी अवस्था में पेड़ से नीचे गिरना जानलेवा हो सकता था। मस्तिष्क ने सुरक्षात्मक रिफ्लेक्स के रूप में अचानक मांसपेशियों को झटके से सिकोड़कर चेक करने का सिस्टम विकसित किया ताकि जीव यह सुनिश्चित कर सके कि वह टहनी से फिसला तो नहीं है।

3. मांसपेशियों का तेजी से रिलेक्स होना

जब शरीर बहुत अधिक थका होता है, तो मांसपेशियां सामान्य से बहुत अधिक तेजी से शिथिल (Flaccid) होने लगती हैं। अचानक तनाव खत्म होने पर मस्तिष्क को लगता है कि शरीर वास्तव में शून्य में गिर रहा है। प्रतिक्रिया स्वरूप दिमाग रीढ़ की हड्डी के माध्यम से एक तेज न्यूरोकेमिकल इलेक्ट्रिक सिग्नल भेजता है, जिससे हाथ-पैर में तेज झटका लगता है।

4. हाइपनिक जर्क को कैसे कम करें?

यद्यपि यह पूरी तरह सामान्य और हानिरहित है, लेकिन यदि यह बहुत बार हो तो इसका कारण अत्यधिक कैफीन (कॉफी/चाय), सोने से पहले मोबाइल स्क्रीन की नीली रोशनी, भारी शारीरिक थकावट और तनाव हो सकता है। सोने से 1 घंटे पहले स्क्रीन बंद करने और नियमित समय पर सोने से यह समस्या स्वतः समाप्त हो जाती है।

श्रेणी / टैग्स: तकनीक

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