गंगा, यमुना, ब्रह्मपुत्र, नील, अमेज़न और मिसिसिपी जैसी दुनिया की हजारों विशाल नदियां 24 घंटे लगातार मीठा, पीने योग्य पानी समुद्रों में गिरा रही हैं। यदि मीठा पानी लगातार समुद्र में मिल रहा है, तो समुद्र का पानी खारा (Saline) क्यों है? और क्या नदियों का पानी सचमुच पूरी तरह नमक-मुक्त होता है?

वैज्ञानिकों के अनुसार, पृथ्वी के समुद्रों में इतना नमक घुला हुआ है कि यदि पूरे समुद्र का पानी सुखा दिया जाए, तो पूरी पृथ्वी की जमीन पर लगभग 500 फीट (150 मीटर) मोटी नमक की परत बिछाई जा सकती है। जानिए इसके पीछे का भूगर्भीय और रासायनिक विज्ञान:

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1. नदियों में भी नमक होता है, लेकिन बहुत कम

यह बात बहुत कम लोग जानते हैं कि नदियों का पानी 100% शुद्ध नहीं होता। जब बारिश का पानी आसमान से गिरता है, तो वह हवा में मौजूद कार्बन डाइऑक्साइड को सोखकर हल्का अम्लीय (Mildly Acidic Carbonic Acid) बन जाता है। जब यह बारिश चट्टानों और पहाड़ों पर गिरती है, तो वह चट्टानों में मौजूद खनिजों (Minerals) और लवणों (Salts) का क्षरण (Weathering) करती है। नदियां इन घुले हुए खनिजों और आयनों को बहाकर समुद्र में ले जाती हैं। नदियों में इसकी सांद्रता इतनी कम होती है कि हमारी जीभ इसका स्वाद नहीं पहचान पाती।

2. समुद्र से केवल पानी उड़ता है, नमक वहीं रह जाता है

समुद्र एक विशाल वाष्पीकरण पात्र (Giant Evaporating Dish) की तरह काम करता है। सूर्य की प्रचंड गर्मी के कारण समुद्र की सतह से हर सेकंड अरबों लीटर पानी भाप (Vapor) बनकर बादलों में बदल जाता है। लेकिन वाष्पीकरण की इस प्रक्रिया में केवल शुद्ध पानी (H2O) उड़ता है, नमक और खनिज समुद्र में ही पीछे छूट जाते हैं। पिछले 3.8 अरब वर्षों से नदियां लगातार नया नमक ला रही हैं और समुद्र से केवल शुद्ध पानी उड़ रहा है, जिससे समुद्र में नमक का अनुपात बढ़ता गया और स्थिर हो गया।

3. समुद्र तल के ज्वालामुखी और हाइड्रोथर्मल वेंट्स

समुद्र के खारेपन का दूसरा बड़ा स्रोत समुद्र तल (Ocean Floor) पर मौजूद गहरे हाइड्रोथर्मल वेंट्स और ज्वालामुखी दरारें हैं। समुद्र का पानी इन दरारों से होकर पृथ्वी की पिघली हुई चट्टानों (Magma) तक पहुंचता है, जहां अत्यधिक गर्मी और दबाव में चट्टानों के खनिज और क्लोराइड घुलकर वापस समुद्र में छोड़े जाते हैं।

4. सोडियम और क्लोराइड का बंधन

चट्टानों से निकलने वाले खनिजों में सबसे प्रमुख सोडियम (Na) और समुद्र तल के वेंट्स से निकलने वाला क्लोराइड (Cl) आपस में रासायनिक क्रिया करके सोडियम क्लोराइड (NaCl यानी साधारण खाने का नमक) बनाते हैं, जो समुद्री खारेपन का 85% से अधिक हिस्सा है।