नई दिल्ली: वर्ष 2014 में भारत में बिकने वाले 75% से अधिक मोबाइल फोन विदेशों से आयात किए जाते थे। आज भारत में बिकने वाले 99% मोबाइल फोन देश के भीतर ही असेंबल और निर्मित हो रहे हैं। इस ऐतिहासिक कायाकल्प का श्रेय सरकार की महत्वाकांक्षी प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना को जाता है।

पीएलआई योजना का मूल तंत्र

यह योजना कंपनियों को भारत में स्थापित इकाइयों में होने वाले अतिरिक्त उत्पादन और बिक्री पर 4% से 6% का प्रत्यक्ष नकद प्रोत्साहन (Incentive) प्रदान करती है। इससे भारत में विनिर्माण की लागत चीन और वियतनाम के समकक्ष आ जाती है।

सफल सेक्टर्स और निर्यात में उछाल

  • स्मार्टफोन निर्यात: भारत से स्मार्टफोन का वार्षिक निर्यात ₹1.2 लाख करोड़ के रिकॉर्ड स्तर को पार कर गया है।
  • ऑटोमोबाइल और एडवांस्ड केमिस्ट्री सेल (ACC): इलेक्ट्रिक वाहनों के पुर्जे और आधुनिक बैटरियों का निर्माण घरेलू स्तर पर शुरू हो चुका है।
  • फार्मास्यूटिकल्स और बल्क ड्रग्स: दवाओं के लिए कच्चे माल (API) पर विदेशी निर्भरता में 35% की कमी आई है।