मुंबई: "पासवर्ड बहुत छोटा है", "पासवर्ड में एक विशेष वर्ण शामिल करें", "आप अपना पासवर्ड भूल गए हैं"—हम सभी इस दैनिक तकनीकी परेशानी से जूझते हैं। इससे भी बुरी बात यह है कि डेटा लीक और फ़िशिंग हमलों में हर साल अरबों पासवर्ड्स चोरी होते हैं। इसी समस्या को हमेशा के लिए दफन करने के लिए दुनिया की शीर्ष टेक कंपनियों ने "पासकी" (Passkeys) मानक पेश किया है।

पासकी क्या है और यह पासवर्ड से कैसे अलग है?

पासकी सार्वजनिक-कुंजी क्रिप्टोग्राफी (Public-Key Cryptography) पर आधारित एक आधुनिक ऑथेंटिकेशन मानक है। जब आप किसी वेबसाइट पर पासकी बनाते हैं, तो आपके डिवाइस (फोन या लैपटॉप) पर एक निजी क्रिप्टोग्राफिक की (Private Key) सुरक्षित रूप से संग्रहीत हो जाती है, जबकि वेबसाइट के सर्वर पर केवल एक सार्वजनिक की (Public Key) जाती है।

पासकी के 4 सबसे बड़े फायदे

  1. याद रखने का कोई झंझट नहीं: आपको 16 अक्षरों का अजीब पासवर्ड याद रखने की जरूरत नहीं है। केवल अपने फोन का फिंगरप्रिंट, फेस आईडी या स्क्रीन लॉक पिन दबाएं और लॉगिन हो जाएं।
  2. फ़िशिंग से 100% सुरक्षा: यदि आप गलती से किसी फर्जी बैंक वेबसाइट पर चले भी जाएं, तो आपका ब्राउज़र पासकी साझा नहीं करेगा, क्योंकि पासकी वेबसाइट के सटीक डोमेन नाम से बंधी होती है।
  3. सर्वर लीक से कोई खतरा नहीं: यदि वेबसाइट का मुख्य डेटाबेस हैक भी हो जाए, तो हैकर्स को केवल सार्वजनिक कुंजियां मिलेंगी, जिनसे किसी खाते में लॉगिन नहीं किया जा सकता।
  4. डिवाइस सिंक: आपकी पासकी आपके गूगल या ऐप्पल क्लाउड कीचेन के जरिए आपके सभी निजी उपकरणों पर सुरक्षित रूप से सिंक रहती है।