मुंबई: जब हम किसी एआई चैटबॉट से सवाल पूछते हैं, तो आम तौर पर हमारा सवाल इंटरनेट के जरिए सुदूर स्थित क्लाउड डेटा सेंटर में जाता है और वहां से उत्तर वापस आता है। लेकिन अब स्मार्टफोन और गैजेट्स की दुनिया में एक बड़ा तकनीकी बदलाव आ रहा है, जिसे "ऑन-डिवाइस AI" या "एज एआई" (Edge AI) कहा जाता है।

न्यूरल प्रोसेसिंग यूनिट (NPU) की भूमिका

नवीनतम स्मार्टफोन चिपसेट (जैसे क्वालकॉम स्नैपड्रैगन, ऐप्पल सिलिकॉन और मीडियाटेक डायमेंसिटी) में अब सीपीयू और जीपीयू के अलावा एक समर्पित NPU (Neural Processing Unit) शामिल किया जाता है। NPU विशेष रूप से मैट्रिक्स गुणा और एआई एल्गोरिद्म को न्यूनतम बिजली खपत में अत्यधिक तेजी से प्रोसेस करने के लिए डिजाइन किया गया है।

ऑन-डिवाइस AI के प्रमुख लाभ

  • अखंड गोपनीयता (Absolute Privacy): आपकी तस्वीरें, आवाज, चैट और निजी डेटा आपके डिवाइस से बाहर किसी भी सर्वर पर नहीं जाते, जिससे डेटा लीक का खतरा शून्य हो जाता है।
  • शून्य लेटेंसी (Zero Latency): इंटरनेट की गति पर निर्भर न होने के कारण फोटो एडिटिंग, रियल-टाइम ट्रांसलेशन और वॉइस डिक्टेशन तुरंत बिना किसी रुकावट के काम करते हैं।
  • ऑफलाइन कार्यप्रणाली: हवाई जहाज में उड़ान के दौरान या सुदूर नेटवर्क-विहीन क्षेत्रों में भी आपका फोन पूरी तरह बुद्धिमानी से कार्य करता रहता है।

भविष्य में छोटे और अत्यधिक ऑप्टिमाइज्ड स्मॉल लैंग्वेज मॉडल्स (SLM) के विकास से हर गैजेट अपने आप में एक स्वतंत्र बुद्धिमान मशीन बन जाएगा।