नई दिल्ली: भारत में लगभग 30 करोड़ आंतरिक प्रवासी हैं जो काम, पढ़ाई या व्यवसाय के कारण अपने गृह निर्वाचन क्षेत्र से दूर अन्य राज्यों में रहते हैं। चुनाव के दिन अपने गांव जाने में होने वाले भारी खर्च और छुट्टी की अनुपलब्धता के कारण इनमें से अधिकांश मतदान से वंचित रह जाते हैं। चुनाव आयोग अब "रिमोट वोटिंग" के समाधान पर काम कर रहा है।

रिमोट ईवीएम (RVM) कैसे काम करती है?

सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम ईसीआईएल और भेल द्वारा विकसित रिमोट ईवीएम एक अकेला ऐसा मतदान केंद्र है जो 72 अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों के प्रत्याशियों को एक ही मशीन पर डिजिटल बैलेट पेपर के रूप में प्रदर्शित कर सकता है। प्रवासी मजदूर जिस शहर में काम कर रहा है, वहीं बने विशेष बूथ पर जाकर अपने गृह क्षेत्र के उम्मीदवार को वोट दे सकेगा।

राजनीतिक दलों की आपत्तियां और आयोग का रुख

  • पारदर्शिता की मांग: विपक्षी दलों ने रिमोट वोटिंग में वीवीपैट पर्ची और नेटवर्क सुरक्षा को लेकर कड़े सवाल उठाए हैं।
  • प्रवासी की परिभाषा: कौन व्यक्ति कितने समय से बाहर रहने पर रिमोट वोटर माना जाएगा, इसके लिए कड़े कानूनी नियमों की आवश्यकता है।

चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि पूर्ण राजनीतिक सहमति और स्वतंत्र साइबर सुरक्षा ऑडिट के बाद ही इस प्रणाली को पायलट आधार पर आजमाया जाएगा।